नूपुर शर्मा का समर्थन किया तो काट डाली गर्दन, राजस्थान के उदयपुर में मजहबी हत्या की पूरी कहानी

नूपुर शर्मा का समर्थन किया तो काट डाली गर्दन, राजस्थान के उदयपुर में मजहबी हत्या की पूरी कहानी

राजस्थान के उदयपुर में एक हिन्दू दर्जी की गला रेतकर हत्या कर दी गई। कन्हैया लाल नाम के युवक पर आरोप था कि उसने कुछ समय पहले भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में वाट्सएप पर कोई पोस्ट शेयर कर दी थी। इसके बाद से ही मजहबी कट्टरपंथ से भरे हुए कुछ लोग उन्हे जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

हालांकि कन्हैया लाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस इस मामले में शुरू से ही लापरवाह रही जिसका खामियाजा कन्हैया लाल को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा।

नाप देने के बहाने दुकान में घुसे और रेत दिया गला

मृतक कन्हैया लाल तेली की उदयपुर में धानमंडी स्थित भूतमहल के पास सुप्रीम टेलर नाम से दुकान है। मंगलवार को दोपहर में मुहम्मद रियाज और गोस मुहम्मद दुकान पर कपड़े सिलवाने के बहाने से आए। कन्हैया इन आतंकियों का नाप ले ही रहे थे कि इनमे से एक ने उन पर तलवार से हमला कर दिया। इस दौरान दूसरा आतंकी मोबाईल से वीडियो बनाता रहा।

दोनों आतंकियों से वारदात से पहले भी एक वीडियो बनाया था जिसे उन्होंने हत्या को अंजाम देने के बाद जारी किया। इसके अलावा उन्होंने हत्या के बाद भी एक वीडियो बनाया जिसमें इन लोगों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जान से मरने की धमकी दी।

कन्हैया लाल के 8 साल के मासूम बेटे ने गलती से वाट्सएप पर शेयर कर दी थी नूपुर के समर्थन में पोस्ट

कन्हैया लाल के परिवार ने मीडिया को बताया कि जिस वाट्सएप पोस्ट को लेकर कन्हैया की हत्या कर दी गई वह उनके 8 साल के मासूम बेटे ने गलती से शेयर कर दी थी। कन्हैया खुद मोबाईल चलाना नहीं जानता था। उसका बेटा मोबाईल पर वीडियो गेम खेला करता था, जिसने अनजाने में ये पोस्ट किसी वाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दी थी।

यह पोस्ट ग्रुप में कुछ कट्टरपंथी लोगों ने देखा था, जिसके बाद वे कन्हैया को धमकी देने लगे थे। आरोपी रियाज ने बीते 17 जून को कन्हैया को एक वीडियो जारी कर जान से मरने की धमकी भी दी थी। कन्हैया लाल ने इसे लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी।

रियाज का यह विडिओ उदयपुर में सोशल मीडिया पर वाइरल हो गया था। इसी के बाद डरकर कन्हैया ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। उसने की दिनों तक अपनी दुकान भी बंद रखी।

पड़ोसी नजीम ने दर्ज करवाया था मुकदमा, कट्टरपंथी ग्रुप्स ने सर्कुलेट किया पता

इस पूरी घटना में एक बात सबसे महत्वपूर्ण है। कन्हैया लाल के अपने पड़ोसी नजीम ने हत्याकांड से कुछ दिन पहले ही उसके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। इस दौरान पुलिस ने कन्हैया को थाने भी बुलाया था जहां उसका सामना नजीम से हुआ।

थाने में नजीम ने कन्हैया से कहा था कि उसे कोई समस्या नहीं है, वह तो अपने समाज के कट्टरपंथियों के दबाव में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवा रहा है। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया था, जहां कन्हैया लाल ने यह कहते हुए माफी मांग ली थी कि उसे मोबाईल चलाना नहीं आता है, जो कुछ भी शेयर हुआ है वह गलती से हुआ है।स्थानीय सूत्रों से ये भी पता चला कि कन्हैया लाल के घर और दुकान का पता भी नजीम द्वारा कुछ कट्टरपंथी सोशल मीडिया ग्रुप्स में शेयर कर दिया गया था। इसके बाद से ही कन्हैया को लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा था। परिजनों का आरोप है कि कन्हैया इन धमकियों से काफी परेशान थे। इसीलिए उन्होंने काफी दिनों तक अपनी दुकान भी नहीं खोली थी।

पुलिस से मांगी थी सुरक्षा

कन्हैया लाल ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा था कि नजीम और कुछ अन्य लोग उसकी दुकान की रेकी कर रहे थे। ये लोग उसे दुकान भी नहीं खोलने दे रहे थे। कन्हैया ने कहा की नजीम ने मेरी फोटो कट्टरपंथी ग्रुप्स में वाइरल कर दी है और सबसे कह दिया है कि ये व्यक्ति अगर कहीं दिखे या दुकान पर आए तो जान से मार देना।

कन्हैया लाल ने नजीम समेत अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग की थी और साथ में सुरक्षा देने की गुहार लगाई थी। दूसरी ओर पुलिस का दावा है उसने दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया था।

हत्या के दौरान और बाद में वीडियो बनाया, PM को धमकी दी तो हरकत में आई NIA

आतंकियों ने कन्हैया लाल की हत्या के दौरान वीडियो बनाया जिसमें उनकि चीखें साफ सुनी जा सकती है। इसके अलावा इन आतंकियों ने हत्या के बाद भी एक वीडियो बनाया जिसमें दावा किया कि उन्हे अपने किए का कोई अफसोस नहीं है और जो कोई भी इस्लाम के खिलाफ कुछ करेगा उसका यही अंजाम होगा। इस वीडियो में इन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने घटना का संज्ञान लिया और घटना की जांच NIA को सौंप दी।

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन से जुड़े तार, एक ने नेपाल के रास्ते किया था पाकिस्तान का दौरा

कन्हैया लाल के हत्याकांड में शामिल इन आतंकियों के तार पाकिस्तान के आतंकी संगठन दावत ए इस्लामी से जुड़ रहे हैं। दावत ए इस्लामी की एक शाखा भारत में भी है। ये भी जानकारी सामने आई है कि इन दोनों आतंकियों में से एक नेपाल के रास्ते पाकिस्तान का दौरा भी कर चुका है जहां उसने किसी मौलवी से आतंक की ट्रेनिंग ली थी।

ये दोनों उदयपुर में काफी दिनों से युवाओं को भड़काने में लगे हुए थे। इन आतंकियों ने इस दौरान 8-10 फोन नंबरों पर भी बात की थी जिसकी जांच की जा रही है।

पोस्टमोर्टम रिपोर्ट से सामने आई बर्बरता, गर्दन काटकर कर दी थी अलग तो शरीर पर थे 26 घाव

कन्हैया लाल की हत्या के बाद परिजनों और हिन्दू समाज के लोगों का आक्रोश भड़क गया और उसकी लाश को उठाने से इनकार कर दिया गया। हालांकि बाद में 7 घंटे की समझाइश के बाद परिजन शव को उठाने के लिए तैयार हुए।

इसके बाद कन्हैया कुमार का पोस्टमोर्टम करवाया गया जिसमें उनके साथ की गई बर्बरता की कहानी सामने आई। पोस्टमोर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उनके शरीर पर 26 जगह काटे जाने के निशान थे। इसके अलावा गर्दन भी काटकर अलग कर दी गई थी।

अंतिम संस्कार में जुटी भारी भीड़

पोस्टमोर्टम के बाद कन्हैया के शव को उनके घर ले जाया गया, तो घर में कोहराम मच गया। उनकि पत्नी सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। उनकी पत्नी ने प्रशासन से मांग की कि हत्यारों को तुरंत फांसी दी जाए।

कन्हैया लाल के अंतिम संस्कार में पूरे उदयपुर से लोग शामिल हुए। घटना के बाद उदयपुर में लगाए गए कर्फ्यू के बावजूद लोग भारी संख्या में कन्हैया के अंतिम संस्कार में पहुँच। इस दौरान लोगों ने हत्यारों को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की और जमकर नारेबाजी की।

आरोपियों पर UAPA के तहत मामला दर्ज, पुलिस ने पकड़ने के दौरान जमकर लात घूंसों से पीटा

तालिबानी तरीके से टेलर की हत्या करने वाले आरोपी गौस मोहम्मद और मुहम्मद रियाज 170 किमी दूर राजसमंद जिले के भीम इलाके से पकड़े गए। दोनों ने भागने की पूरी कोशिश की, लेकिन आखिरकार पुलिस के बिछाए जाल में फंस गए। हत्यारों के पकड़े जाने का एक वीडियो भी सामने आया है। आरोपियों के हत्थे चढ़ते ही पुलिस ने उन्हें जमकर लात घूंसों से पीटा।

दोनों आरोपितों के खिलाफ अवांछित गतिविधि निषेध अधिनियम (UAPA) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रधानमंत्री को धमकी देने के बाद इस मामले की जांच अब NIA द्वारा की जाएगी।