जस्टिस नीलकंठ गंजू: आतंकी को सजा सुनाई तो गोली मारकर कर दी गई हत्या

जस्टिस नीलकंठ गंजू: आतंकी को सजा सुनाई तो गोली मारकर कर दी गई हत्या

हाल ही मे रिलीज हुई फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ भारत के कश्मीर में हुए हिंदुओं के नरसंहार की बर्बरता को दिखाती है। फिल्म के रिलीज होने के बाद से ही कश्मीर की त्रासदी के बारे में लोग चर्चा करने लगे हैं तो धीरे धीरे महत्वपूर्ण कश्मीरी हिंदुओं की कहानियाँ भी सामने आ रही हैं।

इन्हीं कहानियों में से एक कहानी है जस्टिस नीलकंठ गंजू की जिन्हें एक आतंकवादी को सजा सुनाने के कारण गोली मार दी गई थी।

जस्टिस गंजू श्रीनगर हाईकोर्ट में जज थे जो रिटायर हो चुके थे। इनकी हत्या 4 नवंबर 1989 को हाईकोर्ट के बाहर कर दी गई थी।

जस्टिस गंजू वो शख्स थे जिन्होंने आतंकी मकबूल भट को फांसी की सजा सुनाई थी। ऐसे में वे पहले से ही आतंकवादियों के निशाने पर थे।

कौन था मकबूल भट?

मकबूल भट जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का संस्थापक था। उसने 1966 में सीआईडी के सब इंस्पेक्टर अमर चंद की हत्या कर दी। इसी मामले में तत्कालीन सेशन जज नीलकंठ गंजू ने अगस्त 1968 में उसे फांसी की सजा सुनाई थी।

मकबूल भट को सजा दी जाती इससे पहले ही वह दिल्ली की तिहाड़ जेल से फरार हो गया और पाकिस्तान चला गया।

साल 1976 में वह पाकिस्तान से वापस आया और कुपवाड़ा में स्थित एक बैंक में डकैती की घटना को अंजाम दिया। इस दौरान उसने बैंक के मैनेजर की भी हत्या कर दी। हालांकि पुलिस कार्रवाई में उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उसे एक बार फिर फांसी की सजा सुनाई गई।

जे के एल एफ ने मकबूल को छुड़ाने के लिए किया राजनयिक का अपहरण

मकबूल भट के आतंकी संगठन जे के एल एफ ने उसे छुड़ाने के लिए इंग्लैंड में भारतीय उच्चायुक्त रवींद्र म्हात्रे का अपहरण कर लिया, जिनकी बाद में हत्या कर दी गई।

जे के एल एफ के इस कदम से तत्कालीन भारत सरकार भड़क गई और 1984 में आनन फानन में मकबूल को फांसी पर लटका दिया गया।

नीलकंठ गंजू की हत्या को बताया मकबूल की फांसी का बदला

जस्टिस नीलकंठ गंजू की हत्या श्रीनगर हाईकोर्ट के बाहर गोली मारकर की गई थी। हत्या के बाद लगभग दो घंटे तक जस्टिस गंजू का शव सड़क पर ही पड़ा रहा।

जस्टिस गंजू की हत्या की जिम्मेदारी जे के एल एफ के तत्कालीन नेता और अलगाववादी यासीन मलिक ने ली और इसे आतंकवादी मकबूल भट की मौत का बदला करार दिया।

ये विडंबना ही है कि यही आतंकी यासीन मलिक सालों बाद भारत के प्रधानमंत्री से उसके ऑफिस में मुलाकात करता है और तथाकथित निष्पक्ष समाचार चैनल उसका इंटरव्यू लेते दिखाई देते हैं।

जस्टिस गंजू के बेटे ने भी देखी कश्मीर फाइल्स

14 मार्च 2022 को ‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने अपने ट्विटर पर वाशिंगटन के एक थियेटर की तस्वीर पोस्ट की। इस तस्वीर में कुछ लोगों ने राष्ट्रध्वज तिरंगा पकड़ा हुआ है। विवेक अग्निहोत्री ने बताया कि इस तस्वीर में जस्टिस गंजू के बेटे भी हैं।